किरदार:
आर्यन: एक बेहद अमीर और जिद्दी बिजनेसमैन।
नितिन: उसका पर्सनल असिस्टेंट, जो एक पुराने सौदे की वजह से आर्यन का 'स्लेव' बनने पर मजबूर है।
कहानी:
आर्यन के ऑफिस की लाइटें धुंधली थीं। बाहर तेज बारिश हो रही थी, लेकिन कमरे के भीतर की हवा किसी अलग ही आग से तप रही थी। आर्यन अपनी कुर्सी पर शान से बैठा था, और नितिन उसके पैरों के पास जमीन पर बैठा हुआ था।
"नितिन, पास आओ," आर्यन की आवाज में एक ऐसी कशिश थी जिसे ठुकराना नामुमकिन था।
नितिन धीरे से खिसक कर आर्यन के घुटनों के पास आया। उसने अपना सिर झुका रखा था। आर्यन ने अपनी मजबूत उंगलियों से नितिन की ठुड्डी को पकड़ा और उसका चेहरा ऊपर उठाया। नितिन की आँखों में डर और चाहत का एक अजीब मिला-जुला अहसास था।
"मैंने कहा था न, जब तक मैं इस कमरे में हूँ, तुम मेरी संपत्ति हो," आर्यन ने नितिन के होंठों के बेहद करीब जाकर कहा। उसकी गर्म साँसें नितिन के चेहरे पर महसूस हो रही थीं।
नितिन की धड़कनें बेकाबू हो रही थीं। "जी... सर।"
आर्यन ने धीरे से नितिन की गर्दन पर अपना हाथ फेरा। "सिर्फ 'जी सर' नहीं। मुझे तुम्हारा पूरा समर्पण चाहिए। मुझे वो आग देखनी है जो तुम मुझमें जगाते हो।"
आर्यन ने अचानक नितिन को खींचकर अपनी गोद में बैठा लिया। नितिन का शरीर काँप उठा। आर्यन का स्पर्श किसी जलते हुए अंगारे की तरह था। उसने नितिन की कमीज के ऊपर के बटन खोल दिए और अपनी गर्म हथेलियाँ उसकी छाती पर रख दीं।
"तुम मेरे गुलाम हो, नितिन, लेकिन इस वक्त... मैं तुम्हारी इस बेबसी का गुलाम बन रहा हूँ," आर्यन ने उसके कान के पास फुसफुसाते हुए कहा।
उसने नितिन की गर्दन पर अपना चेहरा झुकाया और धीरे से वहाँ अपने दाँत गड़ा दिए। नितिन के मुँह से एक दबी हुई आह निकली। कमरे का तापमान बढ़ चुका था। आर्यन के हाथ नितिन के बदन पर हक जता रहे थे, और नितिन चाहकर भी खुद को रोक नहीं पा रहा था।
"मुझे देखो," आर्यन ने हुक्म दिया।
जैसे ही नितिन ने अपनी धुंधली आँखों से आर्यन को देखा, आर्यन ने उसके होंठों को अपने कब्जे में ले लिया। यह एक ऐसी किस (kiss) थी जिसमें नफरत, प्यार, और बेइंतहा Intimacy भरी हुई थी। उस रात, उस ऑफिस के केबिन में, मालिक और गुलाम का फर्क मिट गया। सिर्फ दो जिस्म थे जो एक-दूसरे की आग में जलकर राख होना चाहते थे।


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