अगले कुछ दिन आर्यन और नील के नाम रहे। आर्यन ने नील को अपनी महंगी कारों में शहर घुमाया, उसे महंगे तोहफे दिए और हर पल उसे अपनी बाहों में घेरे रखा। एक शाम, ढलते सूरज के सामने आर्यन ने नील का हाथ थामा और पहली बार अपनी भावनाओं को शब्दों में पिरोया।
"नील, मैंने कभी नहीं सोचा था कि कोई मुझे इस तरह अपनी उँगलियों पर नचा पाएगा। तुम मेरा जुनून बन चुके हो," आर्यन ने उसकी आँखों में डूबते हुए कहा।
नील ने मुस्कुराते हुए आर्यन के गले में हाथ डाले और उसके होंठों के करीब फुसफुसाया, "बेबी, मैं आपको दुनिया की सारी खुशियाँ दूँगा। वो खुशियाँ जो वो फीका नितिन कभी नहीं दे सका।"
आर्यन नील को शहर के सबसे आलीशान होटल के सुइट में ले गया। वहाँ का बाथटब गुलाब की पंखुड़ियों और खुशबूदार झाग से भरा था। दोनों Naked होकर उस गर्म पानी के अंदर एक-दूसरे के जिस्म से चिपक गए।
नील की बेशर्मी की कोई हद नहीं थी। उसने पानी के अंदर ही आर्यन के Dick को अपने पैरों से सहलाना शुरू किया। आर्यन ने उसे खींचकर अपनी गोद में बिठाया। पानी की छप-छप के बीच आर्यन ने खुद को नील के अंदर गहराई तक Push कर दिया।
"आह्ह्ह... बेबी... ये पानी और आपकी गर्मी... उह्ह!" नील ने अपना सिर पीछे की तरफ झुका लिया। आर्यन ने उसे बाथटब के किनारे से टिकाया और ज़ोर-ज़ोर से झटके लेने लगा। नील की चीखें होटल के कमरे की दीवारों से टकराकर वापस आ रही थीं। पानी चारों तरफ बिखर रहा था, और आर्यन नील की उस तंग गहराई में खोया हुआ था।
उसी चरम सुख के बीच नील ने आर्यन के कान के पास धीरे से कहा, "आर्यन... अब उस नितिन को आज़ाद कर दो न। मुझे हमारा घर सिर्फ हमारे लिए चाहिए। उसे हटा दो मेरी नज़रों के सामने से।"
आर्यन एक पल के लिए रुका, कुछ सोचा, और फिर एक लंबी साँस लेकर हाँ में सिर हिला दिया।
जब आर्यन घर पहुँचा, तो नितिन कोने में बैठा हुआ था। उसकी आँखों के नीचे काले घेरे थे। आर्यन उसके पास गया और उसे बिना कुछ कहे उठाकर बेडरूम में ले गया।
"आज आखिरी बार, नितिन," आर्यन ने ठंडी आवाज़ में कहा।
नितिन को लगा शायद आर्यन वापस आ गया है। उसने अपना सब कुछ आर्यन को सौंप दिया। उस रात आर्यन ने नितिन के साथ जो किया, उसमें प्यार कम और एक 'विदाई' का अहसास ज़्यादा था। आर्यन ने उसे Bed पर लिटाकर उसके जिस्म के हर कोने को अपनी आखिरी निशानी दी। नितिन रोता रहा, और आर्यन उसके अंदर खुद को महसूस करता रहा। हर Push के साथ आर्यन जैसे नितिन के साथ अपना रिश्ता काट रहा था।
जैसे ही काम खत्म हुआ, आर्यन उठ खड़ा हुआ। उसने अलमारी से कुछ कागज़ निकाले और नितिन के सामने फेंक दिए।
"ये तुम्हारे स्लेव कॉन्ट्रैक्ट के कागज़ हैं। आज से तुम आज़ाद हो। मैं तुम्हें इस गुलामी से रिहा करता हूँ। अब तुम इस घर से जा सकते हो... हमेशा के लिए।"
नितिन का पूरा संसार उजड़ चुका था। वह आज़ादी जिसकी उसने कभी तमन्ना की थी, अब उसे ज़हर लग रही थी। वह नंगे पाँव, बिखरे बालों और फटी रूह के साथ अपने कुछ कपड़े लेकर दरवाजे की तरफ बढ़ा।
उसने पीछे मुड़कर देखा, आर्यन अपनी बालकनी में खड़ा नील का इंतज़ार कर रहा था। नितिन की सिसकियाँ बारिश की आवाज़ में दब गईं। वह भारी बारिश में घर से बाहर निकल गया, पीछे छोड़ गया अपनी मोहब्बत, अपनी वफ़ादारी और वो 2 महीने की यादें जो उसके दिल पर ताउम्र के लिए घाव बन गई थीं।
अब उस घर में सिर्फ आर्यन और नील का शोर था, और बाहर की सड़कों पर नितिन की खामोश बर्बादी।


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